सरकार का बड़ा कदम: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों की पाई-पाई दर्ज होगी!

‘उम्मीद पोर्टल’ से अब कोई वक्फ संपत्ति नहीं रहेगी गुप्त—हर पाई-पाई का हिसाब और हर मुतवल्ली की जिम्मेदारी बढ़ी। पढ़िए पूरी जानकारी।


सरकार का बड़ा कदम: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों की पाई-पाई दर्ज होगी!
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Highlight

  • ‘उम्मीद पोर्टल’ पर हर वक्फ संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड और यूनिक आईडी अनिवार्य।
  • गलत वक्फ घोषित संपत्तियों की जांच अब 1 साल में पूरी करना होगा।
  • हर मुतवल्ली को वक्फ और संपत्तियों की पूरी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करना जरूरी।
वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए नए नियम, ‘उम्मीद पोर्टल’ से बढ़ेगी पारदर्शिता

भले ही सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगाने की मांग करने वाली अर्जियों पर अभी कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन सरकार इस कानून को लागू करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने पहले ही वक्फ संशोधन कानून को लागू कर दिया था और अब उसने ‘उम्मीद पोर्टल‘ पर वक्फ संपत्तियों को अपलोड और अपडेट करने के नियम भी जारी कर दिए हैं।

गुरुवार को सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम से जुड़े विभिन्न पहलुओं के लिए ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास नियम, 2025’ को अधिसूचित कर दिया। इन नए नियमों में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन), उनके पोर्टल और डाटाबेस के संचालन, लेखा परीक्षा (ऑडिट) और खातों के रखरखाव के तरीके बताए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन नियमों से वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और विकास सुनिश्चित होगा।

नए नियम लागू होने के बाद अब वक्फ संपत्तियों को ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपलोड और अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस पोर्टल और डाटाबेस में हर वक्फ और उससे जुड़ी हर संपत्ति को एक अलग और खास पहचान संख्या (यूनिक आईडी) दी जाएगी। मतलब यह कि अब हर वक्फ और उसकी हर एक संपत्ति की पूरी जानकारी और हर छोटी-बड़ी चीज़ का हिसाब-किताब पोर्टल पर दर्ज करना जरूरी होगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और कोई गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।

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‘उम्मीद पोर्टल’ से वक्फ संपत्तियों की निगरानी होगी आसान, हर संपत्ति को मिलेगा यूनिक नंबर

सरकार ने वक्फ संशोधन अधिनियम को 8 अप्रैल 2025 को लागू किया था और अब 3 जुलाई को इससे जुड़े नियम भी जारी कर दिए गए हैं। ये नियम वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 108-ख के तहत दी गई शक्तियों के इस्तेमाल से तैयार किए गए हैं।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव इस पोर्टल और डाटाबेस के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। ‘उम्मीद पोर्टल’ और डाटाबेस में हर वक्फ संपत्ति के लिए एक अलग और विशेष पहचान संख्या (यूनिक आईडी) अपने आप बन जाएगी। इस यूनिक नंबर का इस्तेमाल भविष्य में संपत्तियों का रिकॉर्ड रखने और उनकी सही-सही ट्रैकिंग के लिए किया जाएगा।

अब हर वक्फ संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य, मुतवल्लियों को करनी होगी जानकारी अपलोड

अब मुतवल्ली (जो वक्फ संपत्ति का देखरेख करता है) अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल की मदद से ‘उम्मीद पोर्टल’ और डाटाबेस पर रजिस्ट्रेशन (नामांकन) करेंगे। इसके बाद वे वक्फ और उससे जुड़ी संपत्तियों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।

हर मुतवल्ली को जिन-जिन वक्फ का वह जिम्मेदार है, उनके अलग-अलग विवरण भरने होंगे। इसके साथ ही केंद्रीय वक्फ परिषद को पोर्टल और डाटाबेस पर अपलोड की गई सभी जानकारियों को देखने और उनकी निगरानी करने का अधिकार मिलेगा।

सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 की शुरुआत की तारीख या उससे पहले मौजूद सभी वक्फ के मुतवल्ली को, वक्फ और उससे जुड़ी संपत्तियों की जानकारी पोर्टल पर देना अनिवार्य होगा।

गलत वक्फ घोषित संपत्तियों की शिकायतों पर अब तेजी से होगी जांच, एक साल की समय सीमा तय

अगर किसी संपत्ति को गलत तरीके से वक्फ घोषित करने की शिकायत मिलती है, तो जिलाधिकारी से मामला मिलने के एक साल के भीतर नामित सरकारी अधिकारी को जांच पूरी करनी होगी। नियम के मुताबिक, हर राज्य सरकार को संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त करना होगा। यह नोडल अधिकारी केंद्रीकृत सहायता इकाई (Centralised Support Unit) के साथ मिलकर काम करेगा और जांच प्रक्रिया की निगरानी करेगा। इन नए नियमों में जांच प्रक्रिया और जिम्मेदारियों को लेकर काफी विस्तार से निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी मामला लंबे समय तक न लटका रहे और पारदर्शिता बनी रहे।

समय सीमा पूरी न होने पर मुतवल्ली मांग सकेगा अतिरिक्त समय
नियम में बताया गया है कि अगर किसी वजह से मुतवल्ली तय समय के भीतर पोर्टल और डाटाबेस पर वक्फ संपत्ति का पूरा ब्योरा दर्ज नहीं कर पाता है, तो वह इस अधिनियम के तहत समय बढ़ाने की मांग कर सकता है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि मुतवल्ली को यह सुनिश्चित करना होगा कि वक्फ और वक्फ को समर्पित संपत्ति का सही और पूरा विवरण जमा हो, जिसमें यदि उपलब्ध हो तो नोटिफिकेशन नंबर, प्रकाशन की तारीख, औकाफ रजिस्टर नंबर जैसी जानकारी शामिल हो। यह सभी विवरण अधिनियम की धारा 3-ख के तहत पोर्टल और डाटाबेस पर दर्ज किए जाएंगे।

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