पोलैंड हाई अलर्ट पर, सीमा के पास रूस-बेलारूस का सैन्य अभ्यास जारी

पोलैंड हाई अलर्ट पर
पोलैंड हाई अलर्ट पर

पोलैंड में रूसी ड्रोन गिराए जाने के बाद बढ़े तनाव के बीच रूस और बेलारूस ने सीमा के पास जापाड-2025 नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है।

पोलैंड हाई अलर्ट पर

इस अभ्यास के कारण पोलैंड हाई अलर्ट पर है। तनावपूर्ण स्थिति के बीच, नाटो सहयोगी फ्रांस ने पोलैंड में राफेल लड़ाकू विमानों की तैनाती की घोषणा कर एकजुटता दिखाई है।

जयशंकर की पोलिश समकक्ष से वार्ता, शांति की अपेक्षा की

रूस और नाटो के बीच बढ़ते तनाव के बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलिश समकक्ष राडोस सिकौरस्की से टेलीफोन पर बात की। बातचीत में क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और यूक्रेन युद्ध के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सैन्य अभ्यास के पहले चरण में रूस और बेलारूस अपने ऊपर होने वाले संभावित हमलों से बचाव का अभ्यास कर रहे हैं। दूसरे चरण में दोनों देश मिलकर अपनी जमीन पर नियंत्रण बनाए रखने और दुश्मन को नष्ट करने के अभ्यास करेंगे। इस प्रक्रिया में सहयोगी देशों की सेनाओं की भागीदारी भी शामिल होगी।

बेलारूस की सीमाएं कई नाटो देशों के साथ सटी हुई हैं

जानकारी के अनुसार, बेलारूस की सीमाएं तीन नाटो सदस्य देशों — पोलैंड, लिथुआनिया और लातविया — से मिलती हैं। क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सामान्य सैन्य अभ्यास है और यूरोप की चिंताएँ रूस के प्रति शत्रुभाव से जुड़ी हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि बुधवार को पोलैंड की सीमा में प्रवेश करने वाले ड्रोन वास्तव में यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में हमले के लिए भेजे गए थे और उनका पोलैंड में किसी को निशाना बनाने का उद्देश्य नहीं था।

ड्रोन प्रकरण पर ट्रंप ने व्यक्त की नाराजगी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि रूसी ड्रोन का पोलैंड में प्रवेश एक गलती थी। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना से वे संतुष्ट नहीं हैं और इसे लेकर उनकी चिंता बनी हुई है। ट्रंप ने आगे कहा कि यूक्रेन युद्ध में रूस की चालों से उनका धैर्य पुतिन के प्रति लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने संकेत दिया कि वे जल्द ही रूस पर और भी कड़े आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंध लगाने का निर्णय ले सकते हैं।

यूक्रेन ने रूस के प्रमुख तेल ठिकाने पर ड्रोन हमला किया, बड़ा नुकसान

यूक्रेन ने शुक्रवार को रूस के सबसे बड़े तेल ठिकाने पर ड्रोन हमला कर इसे भारी क्षति पहुँचाई है। यह नवीनतम हमला बाल्टिक सागर के तट पर स्थित प्रिमीस्र्क बंदरगाह पर किया गया।

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