गुजरात हाई कोर्ट ने यूसुफ पठान की याचिका खारिज, जमीन खाली करने का आदेश बरकरार

यूसुफ पठान की याचिका खारिज
यूसुफ पठान की याचिका खारिज

यूसुफ पठान की याचिका खारिज:- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार खिलाड़ी युसूफ पठान को गुजरात हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उन्होंने वडोदरा नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी, जो उनके घर के पास की जमीन से जुड़ा मामला था। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी और निगम को जमीन वापस लेने का आदेश देते हुए साफ कर दिया कि कब्जा अवैध है।
978 वर्ग मीटर भूखंड विवाद पर हाई कोर्ट का फैसला

गुजरात हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के सांसद यूसुफ पठान को बड़ा झटका दिया है और उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने वडोदरा नगर निगम द्वारा शहर में उनके घर के बगल में स्थित करीब 978 वर्ग मीटर के भूखंड से उन्हें हटाने के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कब्जे के भूखंड को अतिक्रमण बताते हुए प्लॉट की कीमत का भुगतान करने संबंधी याचिका भी नामंजूर कर दी।

मशहूर हस्तियों पर ज्यादा जिम्मेदारी: कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि जानी-मानी हस्तियों पर आम नागरिकों से अधिक जिम्मेदारी होती है। अगर उन्हें रियायत दी जाए तो गलत संदेश जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अतिक्रमण को वैध ठहराने जैसा होगा।

वडोदरा नगर निगम ने शुरू की कार्रवाई

फैसले के बाद वडोदरा नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि अब निगम ने यूसुफ पठान के कब्जे वाली जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नोटिस और विवाद की शुरुआत

वडोदरा नगर निगम ने पिछले साल यूसुफ पठान को नोटिस जारी कर कब्जा छो़ड़ने के लिए कहा था। इसके खिलाफ पठान ने कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए दावा किया कि निगम ने पहले उन्हें यह भूखंड बेचने का प्रस्ताव पास किया था।

पार्षद की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद

दरअसल, एक पार्षद ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व क्रिकेटर ने अपने मकान से सटी नगर निगम की जमीन पर कब्जा कर लिया है और इसे खाली कराया जाए।

राज्य सरकार ने खारिज किया था प्रस्ताव

पठान की अर्जी पर नगर निगम ने 57,270 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से बिना नीलामी यह जमीन बेचने का प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन 2014 में राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बावजूद पठान परिवार उस भूखंड का उपयोग करता रहा।

राजनीति और ताज़ा नोटिस

इसी दौरान यूसुफ पठान तृणमूल कांग्रेस से बंगाल की बहरामपुर सीट से सांसद चुने गए। बाद में जून 2024 में पार्षद की नई शिकायत के बाद निगम ने फिर से नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का आदेश दिया। इसके खिलाफ पठान ने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

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