Electric Car Manufacturing in India: अब भारत में होगी इंटरनेशनल इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग, सरकार ने खोला आवेदन का पोर्टल

Electric Car Manufacturing in India: भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसमें विदेशी कंपनियों को कम ड्यूटी में EV कारें लाने और देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की छूट मिलेगी। टेस्ला से लेकर मर्सिडीज तक कई दिग्गज कंपनियां इस योजना में रुचि दिखा रही हैं।


Electric Car Manufacturing in India: अब भारत में होगी इंटरनेशनल इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग, सरकार ने खोला आवेदन का पोर्टल
भारत में इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई सरकारी योजना।

Highlight

  • विदेशी कंपनियां 15% शुल्क पर 8,000 EV कारें ला सकेंगी।
  • निवेश करने पर ₹6,484 करोड़ तक की छूट मिलेगी।
  • 3 साल में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करनी होगी।
  • टेस्ला सिर्फ शोरूम खोलना चाहती है, मर्सिडीज ने निवेश किया है।
Electric Car Manufacturing in India: भारत  सरकार ने खोला आवेदन का पोर्टल;

सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू की है। अब दुनिया की बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) कंपनियां भारत में इलेक्ट्रिक कार बनाने की योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।

इस योजना के तहत जो कंपनियां भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने में निवेश करना चाहती हैं, उन्हें आयात शुल्क में बड़ी राहत दी जाएगी। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इसके लिए एक पोर्टल शुरू किया है, जो 21 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

इस योजना के मुताबिक, अगर कोई कंपनी भारत में 4,150 करोड़ रुपये का निवेश करती है, तो उसे 70-100 प्रतिशत के बजाय सिर्फ 15 प्रतिशत आयात शुल्क पर 8,000 इलेक्ट्रिक कारें भारत में लाने की इजाजत दी जाएगी।

इसके साथ ही कंपनियों को शर्तें भी माननी होंगी – जैसे कि तीन साल में कम से कम 25% लोकल वैल्यू एडिशन (DVA) करना होगा और पांच साल में इसे बढ़ाकर 50% तक करना जरूरी होगा।

तीन साल के भीतर शुरू करनी होगी मैन्युफैक्चरिंग

भारत में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई योजना के नियमों के मुताबिक, कंपनियों को मंजूरी मिलने के तीन साल के अंदर भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करनी होगी। साथ ही, उन्हें तय की गई स्थानीय सामान (लोकल मटेरियल) की शर्तों को भी पूरा करना होगा। यह योजना पिछले साल 15 मार्च को भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी।

₹6484 करोड़ तक की छूट मिलेगी

Electric Car Manufacturing in India योजना के तहत एक कंपनी को अधिकतम ₹6,484 करोड़ की छूट मिल सकती है। इसके लिए कंपनियों को किसी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक से बैंक गारंटी देनी होगी, जो या तो मिलने वाली ड्यूटी छूट या ₹4,150 करोड़ (जो भी ज्यादा हो) के बराबर होनी चाहिए।

आवेदन फीस ₹5 लाख रखी गई है। सिर्फ वही कंपनियां इस योजना के लिए योग्य होंगी, जिनकी पूरी दुनिया में कम से कम ₹10,000 करोड़ की ऑटोमोटिव कमाई हो और उनके पास वैश्विक स्तर पर कम से कम ₹3,000 करोड़ के स्थायी संसाधनों (फिक्स्ड एसेट्स) में निवेश हो।

मंत्री ने बताया कि अभी तक चार से पांच ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस योजना में रुचि दिखाई है।

टेस्ला को भारत में शोरूम खोलने में दिलचस्पी

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी टेस्ला सिर्फ भारत में अपनी कारें बेचने के लिए शोरूम खोलना चाहती है, लेकिन वह यहां फैक्ट्री या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि टेस्ला भारत में सिर्फ अपनी कारों की बिक्री करना चाहती है, और अभी तक इसके अलावा कोई और बातचीत नहीं हुई है।

वहीं दूसरी ओर, मर्सिडीज-बेंज ने योजना के आवेदन शुरू होने से पहले ही भारत में बड़ा निवेश कर दिया है।

भारत सरकार की यह पहल EV इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मौका है। अगर ग्लोबल कंपनियां इसमें निवेश करती हैं, तो भारत आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।


यह भी पढ़े:

Tesla Model S and X Price in India: धांसू नया लुक, तगड़े फीचर्स और रेंज में चौंकाने वाला बदलाव!

बिहार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना 2025: किसे मिलेगा लाभ और कब से आएगी राशि?

भविष्य की उड़ान शुरू! CX300 इलेक्ट्रिक प्लेन में पहली बार सवार हुए यात्री – खर्च जानकर उड़ जाएंगे होश

Leave a Comment