अंतरिक्ष कवचः चाहे हमले पारंपरिक हों या परमाणु, अमेरिका पर हमले को निष्क्रिय करेगी प्रणाली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी मिसाइल हमलों से देश की रक्षा के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की. उन्होंने कहा कि हम गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड की ऐतिहासिक घोषणा कर रहे हैं. वह एक ऐसी प्रगाली है जिसकी हमें लंबे समय से आवश्यकता श्री. रोनाल्ड रोगन ने भी वर्षों पहले इसकी कल्पना की थी, लेकिन उस समय तकनीक की सीमाएं थीं. यह अमेरिका की पहली योजना होगी, जिसमें अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती की जायेगी. वाइट हाउस की तरफ से जारी एक पीडियो संदेश में ट्रंप ने गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शीला को लेकर अपनी बातें रखीं. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मैंने इसका वादा किया था.

- ‘गोल्डन डोम’: दुश्मन के हवाई हमलों का अचूक जवाब
- अमेरिका पहली बार अंतरिक्ष में तैनात करेगा हथियार
- क्रूज बैलिस्टिक, मिसाइलों और दोनों से सुरक्षा देगी प्रणाली
- प्रणाली चार चरणों में मिसाइलों की रोकने में होगी सक्षम
14.5 लाख करोड़ रुपये की योजना
अमेरिका की इस डोम की लागत लगभग 14.5 लाख करोड़ रुपये होगी, इसका खर्च और भी बढ़ सकता है. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक इस होम का लक्ष्य अमेरिका को अगली पीदी के हवाई खतरों से सुरक्षित बनाना है. यह डोम कूज मिसाइली, बैलिस्टिक मिसाइलो, हाइपरसोनिक मिसाइलों व होनों से बचायेगा
- 2029 तक बनाने का लक्ष्य
- 180 से अधिक कंपनियों बनाने का लक्ष्य ने दिखायी है दिलचस्पी
कैसे काम करेगा ‘गोल्डन डोम’
गोल्डन डोम कई लेवल पर यूएस पर हवाई हमली से बचायेगा, मिसाइलों को चार अलग-अलग चरणों में रोकना इसका उद्देश्य है. अंतरिक्ष में हथियार तैनात किया जाना योजना का सबसे नया और विवादास्पद पहलू है.

चार स्तर पर करेगा वार
- लॉन्च से पहले ही उन्हें नष्ट करना
- उड़ान की शुरुआत में रोकना
- लक्ष्य आकाश में मिसाइल को गिराना लक्ष्य पर गिरने से पहले खत्म करना
- कौन बनायेगा प्रणाली
कौन बनायेगा प्रणाली
रॉक्टर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एलन मस्क की कंपनी मोसएक्स, सॉफ्टवेयर कंपनी पैलेंटियर और होन निर्माता अंडूरिल इस महत्वाकांक्षी प्रणाली को बनाने की दौड में सबसे आगे हैं. रिवेर्ट के अनुसार, इन तीनों कंपनियों ने हाल ही में ट्रंप प्रशासन और पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों में से से मुलाक मुलाकात की और एक ऐसा प्लान पेश किया, जिसके तहत 400 से लेकर 1,000 से ज्यादा सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में तैनात किये जाएंगे ताकि दुनिया भर में मिसाइलों की पहचान और निगरानी की जा सके, योजना में दिलासी दिखाने वाली कंपनियों की संख्या 180 से भी अधिक है.
आगे पढ़े.. सोनिया और राहुल गांधी पर ईडी का बड़ा एक्शन – नेशनल हेराल्ड केस में नया मोड़