15000 करोड़ रुपये की देसी स्टील्थ फाइटर जेट परियोजना को मिली हरी झंडी, देसी स्टील्थ फाइटर जेट की खासियतें और महत्व क्या हैं?

देसी स्टील्थ फाइटर जेट परियोजना को मिली हरी झंडी, देसी स्टील्थ फाइटर जेट की खासियतें और महत्व क्या हैं, क्या यह वास्तव में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, या फिर यह केवल एक रणनीतिक संकेत मात्र है?आइए समझते हैं, यह परियोजना इतनी अहम क्यों है।

क्यों खास है यह परियोजना?

  • भारत को आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन में नई ऊँचाई तक ले जाएगी
  • चीन और पाकिस्तान जैसी पड़ोसी चुनौतियों के सामने भारत की ताकत बढ़ाएगी
  • भारतीय वायुसेना को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करेगी
  • घरेलू उद्योग और निजी कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में नई भागीदारी का मौका मिलेगा

भारत ने अपनी सुरक्षा ताकत बढ़ाने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह क़दम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान, चीन से 40 जे-35ए स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने की योजना बना रहा है और चीन अपनी छठी पीढ़ी के विमानों के प्रोटोटाइप का प्रदर्शन कर रहा है।

देसी स्टील्थ फाइटर जेट की खासियतें और महत्व क्या हैं
देसी स्टील्थ फाइटर का फोटो, एएमसीए परियोजना पर तेज़ी से काम शुरू

देसी स्टील्थ फाइटर जेट किसके द्वारा विकसित किया जा रहा है, लागत कितना हैं?

एएमसीए (Advanced Medium Combat Aircraft) एक ट्विन-इंजन, ऑल-वेदर, स्टील्थ और मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसे भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया जा रहा है। इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के तहत काम करने वाली वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) द्वारा विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये है।

देसी स्टील्थ फाइटर जेट की खासियतें और महत्व क्या हैं?

स्टील्थ फाइटर जेट एक ऐसा लड़ाकू विमान होता है जिसे दुश्मन के रडार पर पकड़ना बेहद मुश्किल होता है। इसकी खास डिजाइन और तकनीक रडार सिग्नल को चकमा देने में मदद करती है, जिससे यह छिपकर दुश्मन के इलाके में घुस सकता है। इसमें खास किस्म की कोटिंग और एंगल्स होते हैं, जो रडार वेव्स को इधर-उधर मोड़ देते हैं। स्टील्थ फाइटर जेट्स में एडवांस्ड एवियोनिक्स, हाई स्पीड, और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता होती है। ये जेट हवा में दुश्मन के फाइटर प्लेन्स, मिसाइल या जमीनी टारगेट्स को बड़ी आसानी से निशाना बना सकते हैं। इनकी खासियत यह भी है कि ये इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में माहिर होते हैं, यानी दुश्मन के रडार या कम्युनिकेशन सिस्टम को जाम कर सकते हैं। स्टील्थ फाइटर जेट में अंदरूनी हथियार भंडारण, खासतौर पर डिज़ाइन किए गए एयर इंटेक्स, और कम रडार दृश्यता जैसे विशेषताएं होंगी, जो इसे 5वीं पीढ़ी का एक प्रभावशाली और मजबूत युद्धक विमान बनाएंगी।


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चीन और पाकिस्तान से जुड़ी चुनौती

पाकिस्तान द्वारा चीन से जे-35ए स्टील्थ फाइटर जेट्स की खरीदारी और तुर्की के साथ केएएएन 5वीं पीढ़ी के विमान पर सहयोग की खबरों ने भारत के लिए इस परियोजना की अहमियत को और बढ़ा दिया है।

चीन के पास पहले से ही जे-20 स्टील्थ फाइटर जेट्स का एक बड़ा बेड़ा मौजूद है, और वह 2025-26 तक अपनी वायुसेना में और अधिक स्टील्थ जेट्स शामिल करने की योजना बना रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद पर भारत की कड़ी कार्रवाई

हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने चीनी जे-10 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर भारतीय फाइटर जेट्स को निशाना बनाया। हालांकि भारत ने इस दावे को खारिज किया है।

एएमसीए परियोजना पर तेज़ी से काम शुरू

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित एक उच्च-स्तरीय समिति ने एएमसीए के लिए रणनीति और उत्पादन मॉडल तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना में निजी क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी को बढ़ावा देने पर खास जोर दिया जा रहा है, ताकि निर्माण की समय-सीमा घटाई जा सके और देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूती मिल सके।

कैबिनेट से मिली मंजूरी, अब अमल की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने पिछले साल इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। अब, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अंतिम स्वीकृति के साथ यह परियोजना कार्यान्वयन चरण में पहुँच चुकी है।

एएमसीए के साथ-साथ भारत 4.5-पीढ़ी के 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट यानी एमआरएफए के निर्माण के लिए विदेशी सहयोग के साथ एक लंबित परियोजना को भी आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन शक्ति को बढ़ाने के लिए 180 तेजस मार्क-1ए और 108 तेजस मार्क-2 जेट्स खरीदे जा रहे हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एएमसीए परियोजना भारत को क्षेत्र में सैन्य संतुलन बनाए रखने में बड़ी बढ़त देगी और देश की रक्षा तैयारियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगी। चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच भारत का यह कदम सिर्फ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि स्वदेशी तकनीक और घरेलू रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता भी है। एएमसीए परियोजना के ज़रिए भारत न केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक रक्षा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और प्रतिष्ठा को भी आगे बढ़ाएगा।

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